बरसे सतरंगी सितारे, शहर ने ओढ़ी दीपों की चादर

कानपुर : दीपावली पर पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा। रंग बिरंगी झालरों, मोमबत्ती और टिमटिमाते दीपों की रोशनी से जगमगाते शहर में खुशियों के धमाके और आसमान से बरसते सितारे सतरंगी छटा बिखेर रहे थे। मंदिरों व घरों में बजतीं पूजा की घंटियां, शंखध्वनि और उत्साह, उल्लास और उमंग के साथ हाथों में…

नई सरकार-नया रंग,भगवा में रंगा उर्सला

कानपुर : सूबे में सरकार बदलते ही उर्सला अस्पताल में सियासी रंग चढ़ने लगा है। वहां के ग्लो साइन बोर्ड, ग्रिल व सूचना पट को भगवा रंग में रंग दिया गया है। अस्पताल के मुख्य और इमरजेंसी गेट पर लगे बोर्ड भी बदल दिए गए हैं। अब परिसर की रंगाई पुताई कराने पर विचार चल…

विश्व स्वास्थ्य दिवस: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते जीवन बना विष भरा

जीवन बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के चलते भयावह, विषम और विषभरा बन गया है। इसकी एक बानगी गुरूवार रात को कानपुर के तीन बड़े उर्सला, केपीएम और हैलट अस्पताल में देखने को मिली।

स्मार्ट सिटी बोर्ड की पहली बैठक

वीआईपी रोड पर बनेगा अपरगामी पुल,महानगर का जलापूर्ति और सीवेज सिस्टम सुधारने पर भी जोर ,मंडलायुक्त ने कहा विकास कार्य ऐसे हों कि जनता सराहना करेमेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश

उर्सला में मरीजों की जान से खिलवाड़

कानपुर (उर्सला)। जिला अस्पताल उर्सला में आने वाले गंभीर मरीजों की जान बच जाएगी इसकी कोई गारंटी नही है। दरअसल इमरजेंसी में स्थित वेंटीलेटर यूनिट में 12 में 6 वेंटीलेटर लंबे समय से खराब पड़े हैं। वहीं इसमें उपयोगी 15 मानीटर भी ठप हो गये हैं। केवल तीन मानीटर से छह वेंटीलेटर किसी तरह चलाये…

हाई अलर्ट तो दूर, अलर्ट भी नहीं है शहर की पुलिस

बीते मंगलवार को उज्जैन -भोपाल पैसेंजर ट्रेन में हुए विस्फोट के तार कानपुर से जुड़े होने के बावजूद शहर के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा राम भरोसे ही है। हिन्दुस्तान की ओर से जब सुरक्षा के इंतजामों की पड़ताल की गई तो नतीजा चौंकाने वाला था। हिन्दुस्तान टीम शहर के अलग-अलग इलाकों में एक सीलबंद बॉक्स…

चुनाव बाद न्यूरो साइंस सेंटर की सौगात

– जीएसवीएम में बने यूपी के पहले न्यूरो साइंस सेंटर को चुनाव बाद मिलेगी हरी झंडी
– मेडिसिन से अलग हुआ न्यूरोलॉजी विभाग, न्यूरो सर्जरी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा

बदलने लगा मौसम, बीमारियों की दस्तक

तेज पश्चिमी हवाओं ने दिन में सर्दी लौटा दी। ठंड से बेफिक्र हो चुके लोगों को एक बार फिर स्वेटर पहनने पड़ गए। यही नहीं गर्मी के कारण दिन में धूप से बच रहे लोगों को राहत के लिए इसी का सहारा लेना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़ शेष में…

रेल हादसे से पचास करोड़ की चपत!

कानपुर : सुरक्षित रेल यात्र के दावे करने वाले रेलवे की लापरवाही न केवल यात्रियों की जान-माल पर भारी पड़ती है बल्कि रेल हादसे से रेलवे को खुद करोड़ों की चपत सहनी पड़ती है। रेलवे संपत्ति की क्षति से लेकर अनुग्रह राशि, अधिकारियों के दौरे, जांच और मैन पावर के बेजा इस्तेमाल से भारी आर्थिक…

शाबाश कानपुर फिर जीता दिल

रूरा हादसे के बाद शहरवासियों ने एक बार फिर एकजुटता दिखाई। सामाजिक संगठन, नागरिक, हैलट प्रशासन और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी, सभी घायलों के साथ आ गए। पीड़ितों को दिक्कत न होने पाए, इसकी पूरी तैयारी भी कर ली गई थी। पुखरायां की तरह इस बार भी कनपुरियों ने खूब सेवाभाव दिखाया। सुबह ट्रेन हादसा होने…

हैलट में इलाज के लिए आने वाले तीमारदार अब आश्रय गृह में ठहर सकेंगे

– हैलट में इलाज के लिए आने वाले तीमारदार अब आश्रय गृह में ठहर सकेंगे – महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग अलग डॉरमेट्री व रूम की सुविधा KANPUR: हैलट में अपने मरीजों का इलाज कराने आए तीमारदारों को अब गली में या बेड के किनारे फर्श पर नहीं सोना पड़ेगा। हैलट के वार्डो के…

तुलसी हॉस्पिटल :धुएं के गुबार में मदद की गुहार

तुलसी हॉस्पिटल में शार्ट सर्किट की वजह से शुक्रवार देर रात 1:30 बजे लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल स्टॉफ ने सो रहे तीमारदारों को तुरंत बाहर कर दिया

डीएम ने संभाली हैलट की कमान सुबह से रात तक अस्पताल में डाले रहे डेरा

हैलट अस्पताल में अपनी निगरानी में घायल को इलाज के लिए भिजवाते जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा।हैलट-उर्सला में रिजर्व कराये 100 बेड घटनास्थल पर भेजीं 36 एम्बुलेंस हैलट में पीड़ितों की मदद में जुटे रहे सिविल डिफेंस के 40-50 सदस्य

हर बुखार डेंगू नहीं है। वायरल भी संभव है। चिकनगुनिया भी हो सकता है।

डेंगू से भी खौफ नहीं खाएं:डेंगू पीड़ित मरीजों को खौफ दिलाकर अस्पताल प्रबंधन तीमारदारों को परेशान कर रहे हैं। जो बीमारी पांच दिनों में ठीक होनी चाहिए तो मरीज को 15 दिन अस्पताल में भर्ती कर रहे। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा। जो बीमारी बगैर परेशानी के 2000 रुपए के इलाज में ठीक हो सकती है वह बीमारी 50000 से अधिक खर्च करा रही है।

हैलट के बाहर से हटे ठेले

शुक्रवार को जोनल प्रभारी की अगुवाई में कर अधीक्षक अरुण द्विवेदी, कर निरीक्षक कमल सिंह व कृष्णमुरारी ने हैलट के बाहर ठेले हटवाकर जच्चा-बच्चा अस्पताल के पास जीटी रोड पर खाली पड़ी जमीन पर खड़े करा दिए। जोनल प्रभारी ने बताया डेढ़ दर्जन ठेले वालों को फेरी नीति के तहत यहां खड़ा कराया जाएगा। इसकी जानकारी पुलिस व ट्रैफिक विभाग को दी जा रही है। अब मोतीझील से लेकर हैलट अस्पताल तक एक भी ठेला नहीं खड़ा होगा। अभियान लगातार चलाया जाएगा। जो ठेला खड़ा मिलेगा उसका सामान जब्त होगा।