तहसील प्रशासन ने एक न सुनी और हटा दिये इस झील से कब्जे

कानपुर देहात. जिले की मैथा तहसील में करीब 300 बीघा क्षेत्रफल में फैली कडरी झील जो कभी पशु पक्षियों के लिये खुला उपवन रहा करती थी। जिस पर वर्तमान में आस पड़ोस गांव के लोगों ने कब्जा करके कुंडली मार ली थी। जिसके बाद जहां पशुओं को पानी का ठिकाना नहीं था, वहीं पक्षियों की…

विश्व स्वास्थ्य दिवस: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते जीवन बना विष भरा

जीवन बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के चलते भयावह, विषम और विषभरा बन गया है। इसकी एक बानगी गुरूवार रात को कानपुर के तीन बड़े उर्सला, केपीएम और हैलट अस्पताल में देखने को मिली।

लेबर मूवमेंट का गढ़ थाकानपुर, स्वदेशी मिल परिसर में 13 मजदूरदफ्न!

Untold interesting labor movement history of Kanpur Manchester एक वक्त था कि कानपुर को एशिया के मैनचेस्टर के नाम से पुकारा जाता था। एक दर्जन से ज्यादा मिलें और उनमें काम करने वाले मजदूरों का पूरे देश में डंका बजता था। कानपुर. एक वक्त था कि कानपुर को एशिया के मैनचेस्टर के नाम से पुकारा…

मुस्लिम थानाध्यक्ष ने बनवाया ये शिव मंदिर तो हिंदू करते है जलाभिषेक

महाशिवरात्रि के दिन जहां देश के हर कोना बम भोले के जयकारों से गूंजता है महाशिवरात्रि के दिन जहां देश के हर कोना बम भोले के जयकारों से गूंजता है कानपुर देहात.महाशिवरात्रि के दिन जहां देश के हर कोना बम भोले के जयकारों से गूंजता है। वहीं रसूलाबाद के धर्मगढ़ बाबा मंदिर हिंदू मुसलिम भाइयों…

एक थानाध्यक्ष की ऐसी विदाई आप ने कभी नहीं देखी होगी

एक थानाध्यक्ष की ऐसी विदाई आप ने कभी नहीं देखी होगी कि लोगों ने ढोल नगाडों के साथ विदा तो किया, लेकिन जाते जाते एक दूसरे के आंसू नही रोक पायें। ग्रामीणों ने ढोल नगाडों के साथ माला पहनाकर हर तबके के लोगों के साथ पूरा उनको भव्य विदाई दी। गांव के बुजुर्गाे ने थानाध्यक्ष से पूछा अब कब आओगे बेटा तो एसओ ने कहा चाचा जब आवाज लगाएंगे, हम दौड़े चले आएंगे।