ई-रिक्शा वाले बड़े कटियाबाज

कानपुर : शहर में छह हजार से अधिक ई-रिक्शा कटिया से बैटरी चार्ज कर रहे हैं। रात भर कई मोहल्लों में सड़क पर यह खतरनाक खेल होता है। खतरनाक इसलिए क्योंकि पिछले कुछ दिनों के अंदर इस तरह से हो रही चार्जिग की वजह से दो हादसे हुए और दोनों में एक-एक मौतें हुईं। केस्को को ये प्रतिमाह 55 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा ही देते हैं।

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शहर में चाल सुधरी मगर हाल नहीं

कानपुर : औद्योगिक नगरी और पूरब के मैनचेस्टर के रूप में पहचान रखने वाले अपने शहर के दामन पर गंदगी और जाम दो बड़े धब्बे लगे हैं। राष्ट्रपति से लेकर भारतीय महिला टीम की खिलाड़ियों को यह दोनों दाग अखर चुके हैं। मगर अब तक दोनों ही समस्याओं से शहर को पूरी तरह से निजात नहीं मिल पाई है। ऐसा नहीं कि बिल्कुल काम ही नहीं हुआ। शहर की चाल तो काफी सुधरी मगर हाल नहीं।

शहर की गड्ढामुक्त सड़कों में झोल ही झोल

कानपुर : केबिल लाइन डालने को केस्को की निर्माण एजेंसी एलएंडटी ने कंपनी बाग से गंगा बैराज तक के बाशिंदों को हादसे के मुहाने पर ला खड़ा किया है। सड़क की बेतरतीब खोदाई से हुए गड्ढे बारिश के पानी से भरने के बाद दुर्घटनाओं के सबब बनेंगे। खोदाई में गड्ढों के आसपास अभी तक न…